सुविचार 3649

किसी के कहने भर से या कान भरने बस से _यदि आप किसी अन्य से संबंध में खटास ले आते हैं तो _ यकीनन आपका व्यक्तिव व आपकी समझ दोयम दर्जे की है,;  अतः आपका दूर रहना ही ठीक है..!!
हम जीवन कि खटास में ही ज्यादा सजग और होशमंद जीवन जीते हैं,

_ जैसे ही जीवन में मिठास आती है, हम जीवन के प्रति लापरवाह हो जाते हैं.!

सुविचार 3648

जीवन का अंतिम समय कैसे व्यतीत होगा, इसका फैसला आपका धन नहीं,

_ बल्कि आपके द्वारा किया गया व्यवहार तय करेगा.

सुविचार 3646

ज़िंदगी में अगर कोई रोकने टोकने वाला है तो उसका शुक्र मानिए,

_क्यूँकि जिन बाग़ों में माली नहीं होते वो बड़ी जल्दी उजड़ जाते हैं !!

हमारी ज़िंदगी में बागों के मानिंद कई फूल जुड़े होते हैं.

_ हर किसी की रंगत व खूबियां भिन्न होती है.

_ लेकिन ये सभी हमारी ज़िंदगी महकाते जरूर हैं.

_ एक फूल के मुरझा जाने से हम पूरे बाग को नहीं छोड़ देते.

_बल्कि ये प्रयास करते हैं कि दूसरे फूल खिलते रहें.

_ बस यही ज़िन्दगी है…

सुविचार 3645

आप कितने भी बेहतरीन बन जाना, लोग आपसे बेहतर ही तलाश करेंगे !!
इतना बेहतर भी ना खोजो कि बेहतरीन को हो खो दो !

सुविचार 3644

हाथ की लकीरों से ज्यादा खुद पर विश्वास करके देखो,

_ सपनों को हकीकत बनने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.

error: Content is protected