सुविचार 3643

कभी कभी किसी की बात नहीं उसका लहजा चुभ जाता है. खास कर के जिसे आप अपना समझते हों.

इसीलिए अपने लहजे की हिफ़ाज़त करिए.. वर्ना आप अपनों को खो सकते हैं.

सुविचार 3642

जहां कोई चीज अत्यंत कठिन और असहनीय हो जाती है,

_ वहां हम भी हमेशा के लिए परिवर्तित हो जाते हैं.

सुविचार 3641

अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखो कि _ जो भी आपको खोएगा यकीनन पछताएगा..

सुविचार 3640

जो बदला जा सके उसे बदलो, जो बदला न जा सके उसे स्वीकारो,

और जो स्वीकारा न जा सके ; उससे दूर हो जाओ ; लेकिन स्वयं को खुश रखो..

सुविचार 3639

ठंडा पानी और गर्म प्रेस कपड़ों की सारी सिकुड़न- सलवटें निकाल देती है ;

ऐसे ही ठंडा दिमाग और ऊर्जा से भरा हुआ मन, जीवन की सारी उलझनें मिटा देते हैं.

सुविचार 3638

खुद को परखना भी जरुरी है, तभी तो पता चलेगा _ हम क्या- क्या कर सकते हैं..

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