सुविचार 3817

नये काम करने में मुश्किलें होती हैं, लेकिन इनमे प्रतिस्पर्धा कम होती हैं.

सुविचार 3816

जब किसी और की बर्बादी हमें जीत लगने लगे,

_ तो हमसे ज्यादा बर्बाद इस दुनिया में कोई नहीं !!

सुविचार 3815

अर्थ शब्दों में नहीं होते, _ अर्थ तो सुनने वाले शब्दों में डालते हैं.

सुविचार 3813

“परिपक्वता”, दिखावटी गम्भीरता की मोहताज़ नहीं होती, _ सदैव हँसते हुये चेहरे भी दूसरों की आँखों के आंसुओं को समझने व उन्हें पोंछने की क्षमता रखते है “

सुविचार 3812

” कभी हार मत मानो ” क्या पता कामयाबी आपकी एक और कोशिश का इंतजार कर रही हो..!!
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