सुविचार 3584
सुख अकेले आ जाए तो वह सुख नहीं होता, सुख की पूर्णता ही दुख से है, _
दोनों का सामान रूप से रसास्वादन लेने के उपरांत ही अनुभव को पूर्ण कहा जा सकता है.
दोनों का सामान रूप से रसास्वादन लेने के उपरांत ही अनुभव को पूर्ण कहा जा सकता है.
_ वरना आपके जीवन में कोई बदलाव नहीं आएगा.
Everyone sometimes thinks of giving up, but don’t do it, take a break, come back stronger.
_ तो आपकी समस्याएं कभी खत्म नहीं होंगी.!!!