सुविचार 3519

हमें दूसरों में कमियाँ केवल तब दिखाई देती हैं, जब वे हमारे स्वयं के अंदर मौजूद होती हैं.

सुविचार 3518

आविष्कारक और प्रतिभाशाली लोगों को अपने जीवन के प्रारंभ में सदेव मुर्ख माना गया है.

प्रतिभाएं अकारण आगे नहीं बढ़तीं… वे बढ़ती हैं अपने पुरुषार्थ से… समर्पण से… मेहनत से… अपने त्याग से… अपनी प्रबल इच्छाशक्ति से..!

सुविचार 3517

मुस्कुराहट को ले कर घर से निकलिए, _

_ मुस्कुराहट को ले कर घर में प्रवेश कीजिए.

सुविचार 3516

बख्श देता है खुदा उनको जिनकी किस्मत खराब होती है,,

_ वो हरगिज़ नहीं बख्शे जाते, जिनकी नियत खराब होती है,,

सुविचार 3515

जब जीवन में हर परिस्थिति का सामना करना ही है, _ तो प्रेम से सामना क्यों न करें.

सुविचार 3514

हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति वह है, जो दूसरों में बाँटने पर भी बढ़ती जाती है

और सबसे कम मूल्यवान, वह जो बाँटने पर कम हो जाती है.

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