सुविचार 3519
हमें दूसरों में कमियाँ केवल तब दिखाई देती हैं, जब वे हमारे स्वयं के अंदर मौजूद होती हैं.
हमें दूसरों में कमियाँ केवल तब दिखाई देती हैं, जब वे हमारे स्वयं के अंदर मौजूद होती हैं.
_ मुस्कुराहट को ले कर घर में प्रवेश कीजिए.
_ वो हरगिज़ नहीं बख्शे जाते, जिनकी नियत खराब होती है,,
और सबसे कम मूल्यवान, वह जो बाँटने पर कम हो जाती है.