सुविचार 3513
_ चाहे किसी को भी दी गई हों, __ तीसमारखां हैं तो विचार से विचार का जवाब दीजिए..
_ चाहे किसी को भी दी गई हों, __ तीसमारखां हैं तो विचार से विचार का जवाब दीजिए..
_हम क्या चाहते हैं और हमें क्या चाहिए..!!
_ और फिर हँस-हँस कर दुनिया के सामने बताए ..
_ ज़माना बहुत शातिर है जनाब,, ज़रा सोच समझ कर बोलिए !!
जीवन में ये कभी सम्भव ही नहीं है कि हमें सबसे प्यार हो. जिनसे प्यार न हो, यदि उनके साथ हमें रहने के लिए छोड़ दिया जाए तो अनबन और उलझने अवशय होगी. इसी प्रकार जिनसे हमें प्यार हो और हमें उनसे अलग कर दिया जाए तो हम परेशान हो जाते हैं. इन दोनों स्थितियों में सामंजस्य बैठाते हुए जीना ही तो ज़िन्दगी है.
दुनिया में सभी के पास अपने अपने दर्द होते हैं और स्वयं के दर्द को स्वयं से ज्यादा और कोई नहीं समझ सकता. इसलिए जिन्दगी में हमें कभी भी गलतफहमियां नहीं पालनी चाहिए क्योंकि गलतफहमियां गलतियों से भी अधिक खतरनाक होती हैं.
आजकल लोगों के दिलों में दिल के साथ साथ दिमाग़ भी रहने लगा है और जहां दिल से काम लेना चाहिए होता है वहां भी लोग दिमाग़ से काम लेने लग गए हैं. यहां पर लोग अच्छे लोगों को भी बुरा साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं. अच्छे लोगों को धोखा और बुरे लोगों को मौका मिलता ही रहता है.
_ तो किस्मत वो काम आपसे करवाएगी जो आप करना नहीं चाहते…!!!