सुविचार 3434

फैसला करने से पहले हमेशा संजीदा तहकीकात करें..

_ चीज़ें हमेशा वैसी नहीं होतीं जैसे वह नज़र आती हैं…

जो चीज गलत है वो गलत है,

चुप रहकर कायर बनने से अच्छा है कि, वहाँ बोलकर बदतमीज बन जाओ.

सुविचार 3433

किसी के बुरे वक़्त पर मत हँसो और न हीं किसी का दिल दुखाओ,_

_ जब ऊपर वाला अपना रंग दिखाता है तो वह इंसान को रोने लायक भी नही छोड़ता है.

सुविचार 3432

शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है.

जहाँ गरीबी है, वहीं असली अमीरी भी चल सकती है.

ग़ुरबत न दे सकी मेरे ज़मीर को शिकस्त,

_ झुक कर किसी अमीर से मिलता नहीं हूँ मैं..!!

सुविचार 3431

कर्ज शत्रु और रोग…..

इन तीनो को कभी भी छोटा न समझे, इनकी तरफ से लापरवाह भी नहीं रहें, और इनसे जल्द से जल्द छुटकारा पाने की कोशिश करें ! इनको जड़ से समाप्त करें,

क्योंकि ये जरा से भी रह जाए तो निरंतर बढ़ते रहना इनका स्वभाव होता है ये पुनः बढकर हमसे ज्यादा शक्तिशाली होते है !!!!

सुविचार 3430

कर्म एक ऐसा रेस्टॉरेंट है, जहाँ आर्डर देने की जरुरत नहीं है

हमें वही मिलता है जो हमने पकाया है.

सुविचार 3429

दिल की बात को ध्यान से सुनें और श्रद्धापूर्वक इसका अनुशरण करें,

इसे अपना आंतरिक मार्गदर्शक बन जाने दें.

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