सुविचार 3388
दुश्मन बनाने के लिए ज़रूरी नहीं की आप लड़ाई करें,_
“बस हक़ और सच बोलें” बेशुमार दुश्मन आपको अपने खानदान में ही मिल जायेंगे.
“बस हक़ और सच बोलें” बेशुमार दुश्मन आपको अपने खानदान में ही मिल जायेंगे.
_ ज़िन्दगी की मुश्किलों का, सामना करने की ताकत मिले _ “जिंदगी न मिलेगी दुबारा”
जैसे सुधार के लिए आलोचना से ज्यादा ‘समालोचना’ की जरूरत होती है !
_ तब हम अपने लछयों की प्राप्ति के लिए दिशा निर्धारित कर लेते हैं.