सुविचार 3387

आसान ज़िन्दगी की कामना न करें, बल्कि दुआ करें कि …आपको

_ ज़िन्दगी की मुश्किलों का, सामना करने की ताकत मिले _ “जिंदगी न मिलेगी दुबारा”

सुविचार 3385

आज जिस दौर में हम जी रहे हैं वहाँ _ सहानुभूति से ज्यादा “समानुभूति” की जरूरत है,

जैसे सुधार के लिए आलोचना से ज्यादा ‘समालोचना’ की जरूरत होती है !

सुविचार 3383

जब हम यह मानते हैं कि हम अपनी नियति का निर्माण करते हैं,_

_ तब हम अपने लछयों की प्राप्ति के लिए दिशा निर्धारित कर लेते हैं.

सुविचार 3382

हम इंसान हैं _ गलतियाँ तो इंसानों से ही होती हैं _ और बहुत बार सही होते हुए भी खुद को साबित करना पड़ता है,

_ लोगों को बस मौका चाहिए होता है जलील करने का, ऐसी है जिंदगी.

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