सुविचार 3244
मजबूत इंसान को देख कर लोग सोचते हैं कि ये कभी टूटता क्यों नहीं,
लेकिन लोग ये नहीं जानते की टूटने के बाद ही वो व्यक्ति इतना मजबूत हो पाया है.
लेकिन लोग ये नहीं जानते की टूटने के बाद ही वो व्यक्ति इतना मजबूत हो पाया है.
कुछ अँधेरा हम मिटायें, कुछ अँधेरा तुम मिटाओ.
सिलसिला यह प्यार का, प्रेम और सौहार्द का
हर घड़ी और हर बरस, यूँ ही हम मिलकर मनाएं.
एक दीया हम जलाएं, एक दीया तुम जलाओ..
_ जीवन हर किसी को अपनी परिस्थितियों में व्यस्त रखता है.