सुविचार 3384
“जो है सो है” ; _ इससे ज़्यादा आप असलियत को कैसे बयाँ कर सकते हैं ?
“जो है सो है” ; _ इससे ज़्यादा आप असलियत को कैसे बयाँ कर सकते हैं ?
_ तब हम अपने लछयों की प्राप्ति के लिए दिशा निर्धारित कर लेते हैं.
_ लोगों को बस मौका चाहिए होता है जलील करने का, ऐसी है जिंदगी.
एक स्वयं को देखती, _ एक देखती सृष्टि ।।
_ वो “वक्त” नहीं देता !! _और जिसको “वक्त” दो वो “कदर” नहीं करता !!!