सुविचार 3349

मनुष्य जो स्वयं दूसरों को दे, उसे भूल जाए और जो दूसरों से ले, उसे सर्वदा याद रखे – मित्रता की जड़ यही है.

सुविचार 3348

महान विचारों को पढ़ने से कुछ नहीं होता, उन्हें जीवन में धारण करना महान बनने का कारण बनता है.

सुविचार 3347

“कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं हो सकता है, _ जीवन हर किसी के साथ अलग व्यवहार कर रहा है _

_ इसमें महारत हासिल करने की आपकी बारी है.

सुविचार 3346

“अच्छाई और बुराई” “इंसान” के “कर्मों” में होती है..!

कोई “बांस” का “तीर” बनाकर किसी को “घायल” करता है..!

तो कोई “बांसुरी” बनाकर बांस में “सुर” को भरता है..!

एक अप्रिय घटना हमें यह एहसास कराती है कि..

_हमने अपने जीवन में कितनी अच्छाई का अनुभव किया है..

सुविचार 3345

जो व्यक्ति सुधार नहीं सकता, उसे शिकायत करने का कोई अधिकार नहीं.

और जब कोई व्यक्ति सुधार कर सकता है, तो वह कभी शिकायत नहीं करता.

सुविचार 3344

वक़्त और किस्मत पर कभी घमंड मत करना,

क्योंकि सुबह उनकी भी होती है, जिनके दिन खराब हों.

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