सुविचार 3284
*सबको साथ लेकर चलिए, मगर कभी* *अकेले भी चलना पड़े तो डरिये मत..**क्योंकि
समस्या,**शमशान, शिखर.. एवं**सिंघासन पर इंसान हमेशा अकेले हीं**होता है.*
समस्या,**शमशान, शिखर.. एवं**सिंघासन पर इंसान हमेशा अकेले हीं**होता है.*
बाद में तो वही मिलेगा जो बीज बोया है..!!
कुछ अपनी मुस्कान के पीछे लाखों दर्द छुपाये रखते हैं.
_ वरना मोह की चाहत, अनंत पीड़ा को जन्म देती है !!
हारने के बाद जो गले लगाए वो होता है अपना.