सुविचार 3226
आप जीना चाहते हैं, और जी नहीं पा रहे, ” इसी कशमकश का नाम जिंदगी है,”
आप जीना चाहते हैं, और जी नहीं पा रहे, ” इसी कशमकश का नाम जिंदगी है,”
लेकिन सब पराया पराया, और वही सच भी होता है, “
और अगर आकर्षण नहीं होगा तो लक्ष्य भी नहीं होगा.
_ पहला, आलस्य करना. दूसरा, किसी छेत्र का विशेषज्ञ न बनना.
_ काम आने पर बहाने बनाते हैं, पर बीता समय वापस नहीं आता.!!
ईमानदार एवं कार्य में दछ लोगों से उस का घिरा होना, न कि चापलूसों से.
उजाले बांट देने से कम नहीं हुआ करते..