सुविचार 3224
अगर कमी ना हो तो ज़रूरत नहीं होगी, ज़रूरत नहीं होगी तो आकर्षण नहीं होगा,
और अगर आकर्षण नहीं होगा तो लक्ष्य भी नहीं होगा.
और अगर आकर्षण नहीं होगा तो लक्ष्य भी नहीं होगा.
_ पहला, आलस्य करना. दूसरा, किसी छेत्र का विशेषज्ञ न बनना.
_ काम आने पर बहाने बनाते हैं, पर बीता समय वापस नहीं आता.!!
ईमानदार एवं कार्य में दछ लोगों से उस का घिरा होना, न कि चापलूसों से.
उजाले बांट देने से कम नहीं हुआ करते..
किंतु ज्ञान के बाद यदि नम्रता का जन्म होता है, तो यही ज्ञान अमृत होता है.