सुविचार 3167
पैर पे लगने वाली चोट संभल कर चलना सीखाती है,
मन पे लगने वाली चोट समझदारी से जीना सीखाती है.
मन पे लगने वाली चोट समझदारी से जीना सीखाती है.
हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा….”
फिर दुनिया चाहे आपके बारे में जो भी सोच रखे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता.
तो वह आपको पूरे जीवन भर परेशान करेगा.