सुविचार 3269

नमक की तरह अपना एक अनोखा किरदार रखो, क्योंकि इसकी उपस्थिति महसूस नहीं होती है ;

लेकिन इसके बिना सब कुछ स्वादहीन हो जाता है.

सुविचार 3267

“शब्दों की ताक़त को कम नहीं आँकिये.. साहब _ क्योंकि “छोटा सा – हाँ

और छोटा सा – ना” _  पूरी ज़िंदगी बदल देता है.”

सुविचार 3265

किसी को दुःख देने से पहले ये सोच लेना

उसके आंसू आपके लिए सजा बन सकते हैं.

सुविचार 3264

जो इनसान खुद से प्यार नहीं कर सकता, वो किसी से प्यार नहीं कर सकता.

और जो खुद से प्यार करना जानता है, _ वो इंसान कभी हालातों से हार नही सकता..

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