सुविचार 3137

भले ही कोई फूल चट्टानों की दरारों के बीच छिपा हो, मधुमक्खी ढूंढ ही लेती है कि वह कहाँ खिला है ;

हम अपने दिलों को ऐसे फूलों की तरह कैसे बना सकते हैं ?

तितली नहीं मधुमक्खी बन कर रहना,

_ जिसके पास पंख भी हों और डंक भी हों.
Live like a bee, not a butterfly; you have wings and sting.

सुविचार 3136

अंधेरा वहां नहीं है, जहां तन गरीब है !

अंधेरा वहां है, जहां मन गरीब है …!!

सुविचार 3134

हर प्रयत्न में सफलता शायद न मिल पाए लेकिन हर सफलता का कारण प्रयत्न ही होता है.

सुविचार 3133

बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, _

_ चलना जिसे ठोकरों ने सिखाया है ..

सुविचार 3132

रे मन विपदा के समय कोउ न झांकै द्वार,

ज्यों ही विपदा चल बसी सहयोगी तैयार…

‘पहले अपनी व्यवस्था करो,

_बाद में दूसरों को सहयोग की सोचो’

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