सुविचार 3125
जो चला गया उसे भूल जाओ, जो रह गया उसे संभालो,
और जो आ रहा है _ उसका स्वागत करो..
और जो आ रहा है _ उसका स्वागत करो..
*तब तक आप अपनी समस्याओ एवं कठिनाइयो को मिटा नहीं सकते।*
#जीवन_हमेशा__#संघर्षमय होता है.
इसलिए प्रेम मानवीय श्रेष्ठता की पराकाष्ठा है.