सुविचार 4872
खून के संबंध से ही कोई, अपना नही होता है, प्रेम, सहयोग, विश्वास,
निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.
विश्वास करना तब मुश्किल हो जाता है जब वही लोग, आपके सम्मान को गंदा करते
है, जो आपके साथ हैं.
दुनिया ने मुझे एक बात सिखाई-
_ यहाँ विश्वास से पहले विवेक ज़रूरी है, क्योंकि झूठ सिर्फ़ बोला नहीं जाता, कई बार उसे इतने विश्वास से परोसा जाता है कि लोग उसे सच मानने लगते हैं”
विश्वास पर ही तो दुनिया जिंदा है, वरना अगर ये न होता, तो न जाने क्या होता.
_ न रिश्ते टिकते, न अपनेपन का एहसास होता, न कोई किसी के लिए कुछ कर पाता.
_ सोचिए, अगर हर इंसान हर इंसान पर शक करने लगे, तो शायद दुनिया तो होती,
_ लेकिन उसे जीने लायक बनाने वाला सुकून कहीं खो जाता.!
– Nirarthak Nirarthak





