सुविचार 3006
या तो स्थितियों को जस का तस स्वीकार कर लो, _
_ या फिर जिम्मेदारी उठाओ उन्हें बदलने की..
_ या फिर जिम्मेदारी उठाओ उन्हें बदलने की..
बिना गलती के भी माफ़ी मांगनी पड़ती है.
पूरी दुनिया को “डुबोने” की “ताकत” रखने वाला “समंदर”
“तेल” की एक बूंद को नहीं “डूबो” सकता.
यही जीवन का श्रेष्ठ अभिनय है.
एक वह जो मौका देता है, दूसरा वह जो धोखा देता है…।।