सुविचार 3064

आपके मन में अगर किसी को दुःख देने का जरा सा भाव है तो आप अपने लिए बीज बो रहे हो, क्योंकि आपके मन में जो दुःख देने का बीज है, वह आपके मन की धरती में गिरेगा, किसी दूसरे के मन की धरती में नहीं गिर सकता । बीज तो आपके अंदर है पेड भी आपके अंदर ही होगा और फल भी आपको ही भोगना पड़ेगा..

सुविचार 3062

हर इंसान में कमी और विशेषता दोनों होती है, अतः यह निश्चित है,

कि हम जो देखना चाहेंगे, हमें वही नज़र आने लगता है.

सुविचार 3061

असलियत के प्रति आंतरिक जागृति ही प्रेम है.

जागृत से जागृत हुआ जाता है, सोए हुवे सुला देते हैं.!!

सुविचार 3060

एक बार जब किसी काम में दिलचस्पी पैदा हो जाए, तब अनुशासन की भी जरुरत नहीं रहती.

सुविचार 3059

एक दिन हम और आप महज एक याद बन कर रह जाएंगे,

कोशिश कीजियेगा कि यादें अच्छी बनी रहें…!!

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