सुविचार 2929

अगर आपके साथ कोई घटना घटी तो ये आपका अनुभव नहीं है,

आपने उस घटना को कैसे संभाला ये आपका अनुभव है.

सुविचार 2928

चित्त को प्रसन्न रखने का स्वभाव बना लिया जाए,

तो दुःखों का समाधान हो सकता है.

सुविचार 2927

” व्यक्ति ” अपनी बेइज्जती माफ तो कर सकता है..

लेकिन बेइज्जती भूल जाना नामुमकिन है.

सुविचार 2926

जिस दिन आप अपनी हंसी के मालिक खुद बन जाओगे,

तब आपको कोई भी नहीं रुला सकता.

सुविचार 2925

जिम्मेदारियां वक्त देखकर नहीं आती, _ पर कंधे जरूर मजबूत कर जाती है.

सुविचार 2924

लोग इसलिए अकेले होते हैं, _ क्योंकि वे दोस्ती का पुल बांधने की बजाय,

_ दुश्मनी की दीवार खड़ी कर लेते हैं.

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