सुविचार 2899
भीड़ से अलग निकल कर कुछ करना ही ” जिंदगी ” है.
वक्त, और तकदीर से आगे कभी नहीं निकल सकते.
इसलिए जीवन अपरिवर्तित बना रहता है.
जो भी चीज़े आपके पास है या जो कुछ भी आपको हासिल है उसका महत्त्व और मूल्य समझकर उसके साथ खुश रहिये, जो आपके पास नहीं है उसके लिए ज्यादा फ़िक्र करना और दुखी होना सर्वथा अनुचित है, हां जो नहीं है उसके लिए एक सीमा तक प्रयास किया जा सकता है किन्तु जो आपके पास है उसके साथ संतुष्ट होकर रहना अपार सुख और शान्ति देनेवाला है !!!
लेकिन जब हम उसे दिशा नहीं दे पाते, तो वह विनाश की ओर चली जाती है.