सुविचार 3047
सच कहने के लिए ताक़तवर होना ज़रूरी नहीं,
शीशा कमजोर होता है, मगर सच दिखाने से घबराता नहीं.
शीशा कमजोर होता है, मगर सच दिखाने से घबराता नहीं.
‘हमें चुगलखोरों से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए..!!’
हमें मजबुरी में और खामोश रहकर किसी की खुशी के लिए, उस निर्णय को लिये बिना ही सब कुछ स्वीकार करना पड़ता है *
फिर चाहे वो निर्णय सही हो या गलत हो कोई फर्क नहीं पड़ता है *
तो रास्ते खुद- ब- खुद बनते चले जायेंगे.
क्योंकि यह चिंता तुम्हारे अपने विकास को विचलित करेगी.
याद रखें, आपका कम्फर्ट जोन आपको अटकाए रखता है.
*जिसकी बदौलत आदमी कठिन* *परिस्थितियों में निराश* *नहीं होता और वह एक* *असाधारण व्यक्तित्व बन* *जाता है.*