सुविचार 2887
जिसकी हम याद करते हैं, उसके वाइब्रेशन्स हमारे अंदर उतरने लगते हैं,
इसलिये याद करने में भी सावधानी व समझदारी की जरूरत है.
इसलिये याद करने में भी सावधानी व समझदारी की जरूरत है.
हम केवल अपने दिमाग के साथ जी रहे हैं.
क्योंकि वह व्यक्ति पहले से ही आपसे नीचे है !
जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाते हैं.
इस साधारण बात के मायने गहरे हैं. हर इंसान के लिए.. हम सबके लिए
बात समझ मे आ जाए तो करने को कुछ बाकी नहीं रह जाता
समझ ही करवा देती है जो करने योग्य है.