सुविचार 2867
नींद उत्सव है, थकी हुई देह का…
_ पीछे देखने के दर्पण से नहीं ..
जिंदगी में कुछ भी नहीं है.
आपके देखने पर, आपका एटीटयूड, आपकी पकड़, आपकी समझ, आपकी दृष्टि सब कुछ बनाती और बिगाड़ती है.
हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगा है.
इंसान बनना भूल जाते हैं..!