सुविचार 2737
जो चला गया उसे भूल जाओ, जो रह गया उसे संभालो,
और जो आ रहा है, उसका स्वागत करो.
और जो आ रहा है, उसका स्वागत करो.
*आपका धैर्य* *जब आपके पास कुछ न हो..*
*आपका व्यवहार* *जब आपके पास सब कुछ हो…*
ऐसी ताकत बन जाओगे कि पहाड़ भी रास्ता देंगे.
*ठोकर* *इसलिए लगती है कि* *इंसान आगे संभल जाये.
*कभी हम समझ नहीं पाते हैं* *और कभी समझा नहीं पाते हैं…!*