सुविचार 2753
इबादत में बहुत ताकत है जनाब
फकत धागा भी ताबीज बन जाता है.
फकत धागा भी ताबीज बन जाता है.
झांकना खुद की झोली में है कि कहीं कोई ‘सुराख’ तो नहीं*
सही हो तो गुमराह नहीं होने देते…!
*यह है* *कि* *वो उन लोगों की भी इज्जत करता है*,
*जिनसे उसे किसी किस्म के* *फायदे की उम्मीद नही होती*..!!
वरना, इंसानियत से बड़ा रिश्ता कौन सा है.
_ अब, पैसा ही सब कुछ है.. _कितना बदल गया इंसान ?