सुविचार 4568

बहुत से लोग छल कपट और झूठ का सहारा लेकर आगे बढ़ते हैं,

_ लेकिन वो ये नहीं जानते कि आगे नहीं बढ़े, बल्कि पीछे रह गए हैं,
_ अच्छे कर्म ही मनुष्य को ऊंचा उठाते हैं.!!
जब हालात अच्छे होते हैं तो लोग सहारा मांगते हैं..
_ और जब हालात खराब होते हैं तो बेसहारा छोड़ देते हैं.!!
चलना है तो अपने पैरों पर चलो.. क्योंकि सहारे छूटते देर नहीं लगती.!!
अगर आपको अपने जीवन में एक भी व्यक्ति का साथ [Support ] मिलना बंद हो जाए तो भी टूटना मत, किसी बात का अफसोस मत करना,

_ एक सच्चाई याद रखना, ये जिंदगी आपकी है.. कुछ करने के लिए, कुछ बनने के लिए, सांस लेनी होगी और बिना विचलित हुए आगे बढ़ते रहना होगा.!!

सुविचार 4567

जिन्हें किसी चीज का लालच नहीं होता…

_वो ज़िन्दगी में अपना काम बहुत जिम्मेदारी से करते हैं..!!

यूं ही तीन हिस्सों में दिन गुजर जाता है..

_ जरूरतें …जिम्मेदारियां… और ख्वाहिशें…!!

“सब कुछ मिल जायेगा.. तो तमन्ना किसकी करोगे ?
_ अधूरी ख्वाहिशें ही तो जीने का मज़ा देती हैं.!”
मुसीबतें और जिम्मेदारियां, उम्र नहीं पूछती..

_ वो सीधा इंसान को सिखा देती है ‘जीना कैसे है’

बहुत आसान है दूसरों पर उंगली उठाना, पर जब जिम्मेदारियां कंधों पर आती हैं ;

_ तब समझ आता है कि बातों से पेट नहीं भरता.!!

जरुरत आधारित ज़िन्दगी गुजारें, लालच आधारित नहीं.!!

सुविचार 4566

सोच अच्छी रखो, लोग अपने आप अच्छे लगने लगेंगे,

नियत अच्छी रखो, काम अपने आप ठीक होने लगेंगे.

अच्छे विचार मस्तिष्क की भूख को शांत करते हैं और मस्तिष्क को आराम भी देते हैं.!!

सुविचार 4565

अच्छा जीवन केवल वही लोग जी सकते हैं,

जो अपने आपसे उम्मीद रखते हैं, किसी और से नहीं..

सुविचार 4564

सच और झूठ को पहचानना हो तो ध्यान से देखना,

सच अकेला ही मिलेगा और झूठ तीन चार गवाहों के साथ..

सुविचार 4563

हित चाहने वाला पराया भी अपना है, और अहित करने वाला अपना भी पराया है.
एक बार जो पराया महसूस करवा दे, फ़िर वो लाख अच्छी बातें कर ले वो पराया ही लगता है.!!
error: Content is protected