सुविचार 4654

दूसरों के व्यवहार को अपने मन की शांति को नष्ट करने का अधिकार न दें.

सुविचार 4653

आपकी असली पहचान आपकी काबिलियत से होती है, आपकी शक्ल सूरत से नहीं..
हमने खोया नही कुछ भी.. बल्कि अपनी ही नाकाबिलियत के चलते हम हर उस चीज़ पे दावा ठोक ही नही पाए, जिसको हम पा सकते थे.!!

सुविचार 4652

आगे बढ़ना है तो बहरे बन जाओ,

कुछ लोगों को छोड़ कर बाकी सब मनोबल गिराने वाले ही होते हैं.

सुविचार 4651

हम हार जीत, सक्सेस फेलियर में इतना उलझ गए हैं कि जिंदगी जीना भूल गए हैं,

_ जिंदगी में अगर कुछ सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है तो वो है खुद जिंदगी..

कभी-कभी हार भी ज़रूरी होती है, ताकि हमें अहसास रहे कि मंज़िल तक पहुँचने का सफ़र आसान नहीं होता.!!
जो व्यक्ति बार-बार जीतने की कोशिश करता रहता है, वह जीतने वाले व्यक्ति से बेहतर है, भले ही वह न जीत पाए, तो क्या हुआ ?

_ क्योंकि कभी-कभी जीत और हार के पीछे कई अन्य कारक भी होते हैं, लेकिन पराजित व्यक्ति की क्षमता का इससे अंदाजा नहीं लगाया जा सकता..
_ इसलिए वह व्यक्ति हारकर भी जीत जाता है.!!

सुविचार 4649

*अच्छे के साथ अच्छे बनें *पर बुरे के साथ बुरे नहीं*

*….क्योंकि -**हीरे से हीरा तो तराशा जा सकता है लेकिन कीचड़ से**कीचड़ साफ नहीं किया जा सकता*

आजकल तो अच्छे वही माने जाते हैं..
_ जो दूसरों के अनुसार झुक जाएँ.. बाक़ी सब ‘रूखे’ कहलाते हैं.!!
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