सुविचार 2463
समझदार इंसान का दिमाग चलता है,
और नासमझ इंसान की जुबान…
और नासमझ इंसान की जुबान…
जो लोग ईमानदारी से अपना जीवन जीते है वो खुद्दार ही होते है. लालच और स्वार्थ में आकर अपने आत्मसम्मान का सौदा नहीं करते है. _ परन्तु अब जमाना बदल रहा है लोग पैसे के लिए खुद्दारी और आत्मसम्मान को भी दांव पर लगाने में नहीं हिचकिचाते हैं.
और जिन पौधों की परवरिश धूप में होती है वो हर मौसम को झेल लेते हैं.
_ तर्क देकर आप अपनी बात साबित तो कर सकते हैं, लेकिन समझा नहीं सकते..!!
लेकिन अपने लिए वो एक यातना बन जाते हैं.