सुविचार 2462

खुद्दारी का मतलब आत्मसम्मान होता है. हर इंसान की अपनी नजर में इज्जत होती है और वही इज्जत वह दूसरों की नजरों में देखना चाहता है.

जो लोग ईमानदारी से अपना जीवन जीते है वो खुद्दार ही होते है. लालच और स्वार्थ में आकर अपने आत्मसम्मान का सौदा नहीं करते है. _ परन्तु अब जमाना बदल रहा है लोग पैसे के लिए खुद्दारी और आत्मसम्मान को भी दांव पर लगाने में नहीं हिचकिचाते हैं.

सुविचार 2460

जिन पौधों की परवरिश हमेशा छांव में होती है वह अक्सर कमजोर होते हैं,

और जिन पौधों की परवरिश धूप में होती है वो हर मौसम को झेल लेते हैं.

सुविचार 2459

जो तर्क करने को तैयार न हो.. वह अंधविश्वासी, जो तर्क न कर सके वह मूर्ख और जिस में तर्क करने का साहस ही न हो वह गुलाम है.
तर्क देकर आप किसी को अपनी बात समझा नहीं सकते,

_ तर्क देकर आप अपनी बात साबित तो कर सकते हैं, लेकिन समझा नहीं सकते..!!

सुविचार 2458

जो लोग ईर्ष्या करते हैं, वो दूसरों के लिए कष्ट दायक हो सकते हैं ;

लेकिन अपने लिए वो एक यातना बन जाते हैं.

The jealous are troublesome to others, but a torment to themselves.
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