सुविचार 2187
आप यदि केवल स्वयं का ही ध्यान रखेंगे, स्वयं का हित साधने में लगे रहेंगे, तो धीरे धीरे अन्य लोग भी आप पर ध्यान देना बंद कर देंगे !
इसलिए सभी का ध्यान रखते हुए सब से मिल जुल कर चलें !!!
जो स्वीकार करता है, वही आगे बढ़ता है.
जैसे हमारे विचार होते हैं, कुछ हद तक हमारा तन और मन भी वैसी ही प्रतिक्रिया देता है. हमारे मन में यदि ये बात बैठ गई कि ठंड मुझे बिलकुल बर्दाश्त नहीं होती तो तन भी वैसी ही प्रतिक्रिया करनी शुरू कर देगा.
The journey of life will become a lot easier if you enjoy every moment of it.
क्योंकि समय बीतने के साथ मकान में बेवजह सामान
और मन में गलतफहमियां भर जाती है.