सुविचार 1754
वास्तव में चिंता तो आपको तब करनी चाहिए, जब आप खुद को नहीं समझ पाते..
आपके अच्छे कर्म आपको वो सब देंगे, जो हर हाल में आपका है..
वास्तव में चिंता तो आपको तब करनी चाहिए, जब आप खुद को नहीं समझ पाते..
आपके अच्छे कर्म आपको वो सब देंगे, जो हर हाल में आपका है..
दुनिया में नब्बे प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो कब आते हैं और कब चले जाते हैं, कोई नहीं जानता. उनके बारे में इतिहास में कुछ लिखा नहीं जाता. ये लोग थोक में आते हैं और फुटकर में चले जाते हैं. केवल दस प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो पृथ्वी पर आने के बाद यह निर्णय लेते हैं कि मै यूँ ही नहीं मरने वाला. मै कुछ अलग करके जाऊँगा.
जीना भी एक कला है, जीते तो सभी हैं, लेकिन कलापूर्ण एवं सफल जीवन जीना एक कला से कम नहीं.
जीवन में कुछ बातों को अपनाने एवं कुछ बातों को त्यागने से आने वाली मुसीबतों से बचा जा सकता है.