सुविचार 1754

क्यों चिंता करते हो, यदि लोग आपको नहीं समझते,

वास्तव में चिंता तो आपको तब करनी चाहिए, जब आप खुद को नहीं समझ पाते..

अपने अंतर्मन और अपने कर्मों पर विश्वास रखिए…

आपके अच्छे कर्म आपको वो सब देंगे, जो हर हाल में आपका है..

सुविचार 1751

पराजय तब नहीं होती जब आप गिर जाते हैं, पराजय तब होती है जब आप उठने से इनकार कर देते हैं.

सुविचार 1749

पृथ्वी पर दो प्रकार के लोग होते हैं. एक वो, जो जिन्दगी को रचनात्मक तरीके से जीते हैं और दूसरे वो, जो जिन्दगी को दुर्घटना की तरह जीते हैं.

दुनिया में नब्बे प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो कब आते हैं और कब चले जाते हैं, कोई नहीं जानता. उनके बारे में इतिहास में कुछ लिखा नहीं जाता. ये लोग थोक में आते हैं और फुटकर में चले जाते हैं. केवल दस प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो पृथ्वी पर आने के बाद यह निर्णय लेते हैं कि मै यूँ ही नहीं मरने वाला. मै कुछ अलग करके जाऊँगा.

कुछ लोग जीते नहीं, जीने की तैयारी में ही जीवन गुजार देते हैं.

जीना भी एक कला है, जीते तो सभी हैं, लेकिन कलापूर्ण एवं सफल जीवन जीना एक कला से कम नहीं.

जीवन में कुछ बातों को अपनाने एवं कुछ बातों को त्यागने से आने वाली मुसीबतों से बचा जा सकता है.

error: Content is protected