सुविचार 1942
मैंने ये पाया है कि ज़्यादातर लोग उस समय दूसरों से आगे निकल जाते है,
जिस समय दूसरे लोग समय ख़राब कर रहे होते हैं.
जिस समय दूसरे लोग समय ख़राब कर रहे होते हैं.
*यदि आप किसी बात से सहमत नहीं है तो .. *चर्चा करिये*.
*यदि आप को कुछ पसंद नहीं है .. तो *बताइये*.
*लेकिन चुप रह कर किसी *निर्णय तक मत पहुँचिये*.
कंजूस को दान देना बुरा लगता है, लोभी को मांगने वाला बुरा लगता है, चोरों को प्रकाश बुरा लगता है, मुर्ख को समझाने वाला उपदेशक बुरा लगता है, कर्जदार को तगादा बुरा लगता है ,रूपवान को बुढ़ापा अच्छा नहीं लगता, निर्धन को धनवान अच्छा नहीं लगता, जिसका मन- शोक चिंता से ग्रसित और व्याकुल हो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता, अतः शोक और चिंता से बचे !!!