सुविचार 1907
जीवन में अगर “खुश” रहना है तो,
स्वयं को एक “शांत सरोवर” की तरह बनाएं…..
जिसमें कोई “अंगारा” भी फेंके तो..खुद बख़ुद ठंडा हो जाए…..!!!!
स्वयं को एक “शांत सरोवर” की तरह बनाएं…..
जिसमें कोई “अंगारा” भी फेंके तो..खुद बख़ुद ठंडा हो जाए…..!!!!
…हम *सही* हो सकते हैं…लेकिन मात्र हमारे सही होने से , *सामने वाला गलत* नही हो सकता…!!!
क्यूँकि बिना “समर्पण” के संकल्प नहीं हो सकता और न ही बिना “संकल्प” के समर्पण …