सुविचार 1653

मन को इच्छाओं का ग़ुलाम बना लेना, अपने शरीर के साथ क्रूरता करना है.

सुविचार 1652

हम जो कुछ है, जो हमारे अंदर है, वो हमारे व्यवहार से प्रकट होता है.

 

Who we are and whatever we feel, it all manifests in our character.

सुविचार 1650

हर इंसान में कोई न कोई प्रतिभा है, लेकिन लोग दूसरों जैसा बनने की कोशिश में इसे नष्ट कर देते हैं.

सुविचार 1649

जो इन्सान खुद कि गलती को स्वीकार नही करता और सदा जिन्दगी से शिकायत करता रहता है वो इन्सान सदा दुखी रहेगा.

सुविचार 1648

जो इंसान अपने सामने आने वाली विपरीत परिस्तिथियों में थोड़ा झुक कर या उनसे समयानुसार तालमेल बैठा लेता है, उसकी जिंदगी आसान और कम कष्टप्रद रहती है.
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