मनुष्य की यह कमजोरी है कि वह हमेशा एक कंधा ढूंढता रहता है, जिस पर सर को रख कर रो सके. कोई उसको शाबाशी दे और उसको कहता रहे कि तू बहुत अच्छा है. ऐसा एकाध कंधा मनुष्य हमेशा ढूंढ लेता है. ध्यान से देखियेगा अपने अंदर आपने कितने कंधे ढूंढ कर रखे है. जितनी जल्दी हो सके अपनी इस कमजोरी को दूर कर लें.
दुख हमारे जीवन में परीछाओं की वे घड़ियाँ हैं, जिन घड़ियों में हम हमारे जीवन के सबक को सीखते हैं. कारण यह है कि दुख की स्थितियाँ हमारे जीवन में एक ऐसा माहौल तैयार करती हैं, जिसमे से गुजर कर हमारी उन्नति होती है.