सुविचार 1737

क्या हम बिना दिखावे के, एक-दूसरे का सम्मान करते हुए, सरल चित्त जीवन नही जी सकते ? सिर्फ दुआ और बद्दुआ ही तो हमारे साथ जायेगी, जरा सोचें, कि जीवन को हम जी रहे कि ढो रहे हैं ?

सुविचार 1736

सच्चा प्रेम वही है जो आप अगले की कमी जानते हुए भी आप उसको अपनाते हो और कभी उसको उसकी कमजोरी का अहसास नहीं दिलाते.
सच्चा प्रेमी कभी किसी सुन्दर व्यक्ति से प्रेम नहीं करता बल्कि ऐसे व्यक्ति से प्रेम करता है जिसे पाकर खुद का जीवन सुंदर बन जाए.

सुविचार 1735

जीवन में तकलीफ उसी को आती है, जो हमेशा जिम्मेदारी उठाने को तैयार रहते हैं, और जिम्मेदारी लेने वाले कभी हारते नहीं, या तो जीतते हैं या फिर सीखते हैं.

सुविचार 1734

यदि किसी दु:खी व्यक्ति के चहेरे पर हंसी आती हैं..? और उसकी वजह अगर आप हो तो..? मान लेना की आपसे..? अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति..!? इस दुनिया में कोई नहीं हैं..!!

सुविचार 1733

पक्के हुए फल की तीन पहचान होती है :- एक तो वह नर्म हो जाता है, दूसरे वह मीठा हो जाता है, तीसरे उसका रंग बदल जाता है.

इसी तरह से परिपक्व व्यक्ति की भी तीन पहचान होती है: – पहली उसमें नम्रता होती है, दूसरे उसकी वाणी मे मिठास होता है, और तीसरे उसके चेहरे पर आत्मविश्वास का रंग होता है.

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