सुविचार 1737
क्या हम बिना दिखावे के, एक-दूसरे का सम्मान करते हुए, सरल चित्त जीवन नही जी सकते ? सिर्फ दुआ और बद्दुआ ही तो हमारे साथ जायेगी,
जरा सोचें, कि जीवन को हम जी रहे कि ढो रहे हैं ?
इसी तरह से परिपक्व व्यक्ति की भी तीन पहचान होती है: – पहली उसमें नम्रता होती है, दूसरे उसकी वाणी मे मिठास होता है, और तीसरे उसके चेहरे पर आत्मविश्वास का रंग होता है.