सुविचार 1457

हमें हमारी जिन्दगी में हर छोटी से छोटी कठिनाई कुछ सीखा ही जाती है ..

सुविचार 1456

प्रसन्न व्यक्ति वह है जो निरंतर स्वयं का मूल्यांकन एवं सुधार करता है जबकि दुखी व्यक्ति वह है जो दूसरों का मूल्यांकन करता है.

सुविचार 1455

व्यक्ति को कभी भी मौके का इंतजार नहीं करना चाहिए,

क्योंकि जो आज है वो ही सबसे बड़ा मौका है..

सुविचार 1454

हमारे अंदर दूसरो के प्रति नाराजगी या शिकायतें तभी तक रहती है, जब तक हम दूसरों से उम्मीदें रख कर जीवन जीते हैं.

हम दूसरों से उम्मीदे रख कर स्वयं से बहुत दूर चले जाते हैं, औऱ जीवन हमारा खुद का न रह कर कुछ और ही चीज बन जाता है.

फिर हमारा सिस्टम हमारे खिलाफ काम करने लगता है, क्योंकि हमने अपने भीतर के सिस्टम के लिये वो नही किया जो उसके लिए जरुरी था.

जकड़नें हम खुद पैदा करते हैं अपने लिये, “दूसरे” जीवन वैसा ही जीते हैं, जैसे वह हैं, उसमें उनकी कोई गलती नही है, लेकिन हमें जीवन वैसे ही जीना चाहिए जो सही है.

सुविचार 1453

अपने जीवन की दूसरों से तुलना न करें. आपको इस बात का बिलकुल भी भेद नहीं है कि उनकी जीवन यात्रा किस प्रकार की रही है.
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