सुविचार 1446
जो मनुष्यों के साथ दयालुता का बर्ताव नहीं करता, किंतु पाषाण मूर्ति की पूजा करता रहता है, वह ढोंगी कहा जा सकता है.
_ अतः जरूरी है हर बात पर “हाँ” कहने के बजाय कभी- कभार “ना” कहना भी सीखें.
_किन्तु यह भी समझना जरूरी है कि.. “बहुत सी बातें हमें समझ में नहीं आती”.!