सुविचार 4405
कुछ दर्द हमें अकेले ही झेलने होते हैं,
_ ज़िंदगी का एकान्त बांटने कोई नहीं आता.!!
सारी बातें एक कान से सुन लो.. अच्छी लगे तो हृदय में रख लो..
_ और बुरी लगे तो दूसरे कान से बाहर निकाल दो.!!
_ ज़िंदगी का एकान्त बांटने कोई नहीं आता.!!
_ और बुरी लगे तो दूसरे कान से बाहर निकाल दो.!!
आपके जीवन में कल कभी आने वाला ही नहीं है, हमेशा आज ही उपलब्ध होगा, इसलिए जो करना है शुरू कर लो..
_ जिसका इलाज कुदरत और समय जरूर करता है !!