सुविचार 4524

ये जिंदगी है लोग आते रहेंगे और जातें रहेंगे, बस खुद की खुशी का ख्याल रखना.!!

सुविचार 4523

“तुलना” के खेल में नही “उलझना” चाहिए, क्योंकि इस “खेल” का कहीं कोई अंत नही

जहाँ “तुलना” की “शुरुआत” होती है वही से “आनंद” और “अपनापन” खत्म होता है..

कभी-कभी वे लोग, जो हजारों किलोमीटर दूर होते हैं,

_ अपने स्नेह, समझ और अपनत्व से हमें इतना करीब महसूस कराते हैं कि पास बैठे लोग भी उतनी गर्माहट नहीं दे पाते..
_ दूरी केवल जगहों की होती है, दिलों की नहीं और सच्चा जुड़ाव वही होता है, जहाँ बिना पास रहे भी अपनापन महसूस हो.!!
जिनके साथ हमें सच्चा अपनापन महसूस होता है, वहाँ दूरी या समय की कोई अहमियत नहीं रह जाती.!!

सुविचार 4522

लोगों के पास हर समस्या का समाधान है, पर समस्या दूसरों की होनी चाहिए.

सुविचार 4521

एक समर्पित ह्रदय कृपा, ख़ुशी, प्रसन्नता और हर्ष को आकर्षित करता है, जिसके फलस्वरूप सम्बन्ध बनते हैँ.

सुविचार 4520

अगर आप किसी के साथ ग़लत करने का सोच रहे हों,

तो अपनी बारी का इंतज़ार जरूर करना !!

सुविचार 4519

दिल की बात को ध्यान से सुनें और श्रद्धापूर्वक इसका अनुशरण करें,

इसे अपना आंतरिक मार्गदर्शक बन जाने दें.

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