सुविचार 553

ऐश्वर्य के तिमिर से उत्पन्न अंधता का कष्ट अंजन की शलाका  से भी नहीं मिटता.

सुविचार 551

सदा वर्तमान से जुड़े रहने का जज्बा अनर्गल सोच के दबाव को हटा देता है.

सुविचार 550

अपने भीतर छिपे किसी एक गुण को पहचानें और उसे उच्चतम शिखर तक ले जाएँ, वह एक गुण ही आपको……लोगों की भीड़ में अलग खड़ा करता है.

सुविचार 549

सदैव मर्यादा में चलो, कभी सीमा से बाहर न जाओ, धनजन और यौवन पर गर्व न करो.
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