सुविचार 4561

भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियों को बता देना, सबसे बड़ी मूर्खता हैं !!
अपना काम अच्छी तरह करने से बड़ा कुछ नहीं है.
_ जो काम आपके सामने है वो ना करके दुनिया जहान की चिंता करते रहें, ये मूर्खता होती है.

सुविचार 4560

कोई भी उलझन हमें तब तक परेशान करती है,

_ जब तक हम उलझन को सुलझाने का प्रयास नहीं करते.

प्रयास ऐसे करो की हारते हारते कब जीत जाओ.. _ किसी को पता ही ना चले.!!
प्रयासशील व्यक्ति के लिए इस जगत में कुछ भी असम्भव नहीं.

सुविचार 4558

उम्मीद से कम मिली हुई चीज़ तो खुद को ही चुभती है,

लेकिन उम्मीद से ज्यादा मिली हुई चीज,,,,लोगों को चुभने लगती है..

सुविचार – कीमती – Valuable – क़ीमत – कीमत – 4557

खो देने के बाद ही ख्याल आता है, कितना कीमती था !!

” समय, व्यक्ति और संबंध “

ज़िंदगी में सबसे कीमती चीज़ें अक्सर हमें उनकी क़ीमत समझ आने से पहले ही छोड़ जाती हैं.!!
अपने जीवन को इतना सस्ता या बेकार मत बनाइये कि.. सबसे हल्की चीजें भी आपको बहुत कीमती लगने लगें.. और मूल्यवान चीजें बेकार लगने लगे.!
कभी-कभी हम उन चीजों की कामना करते हैं जो हमारे पास नहीं होतीं और बाद में हमें एहसास होता है कि हम उन्हें क्यों नहीं पा सके,

_ क्योंकि उनसे बेहतर चीजें हमारा इंतजार कर रही थीं.
हम आम इंसान हैं, किसी भी वस्तु का असली मूल्य हमें उसके खो जाने के बाद ही ज्ञात होता है,

_ जब तक वह हमारे सामने रहती है, हम उसे महत्वहीन मानकर उपेक्षा कर देते हैं..
_ परंतु जैसे ही वह हमसे दूर हो जाती है, हमें उसकी कमी खलने लगती है..
_ इसी भूल में हम न जाने कितनी अनमोल वस्तुओं को हमेशा के लिए खो बैठते हैं.!!
हम साधारण मनुष्य हैं किसी भी चीज़ की अहमियत हमें अक्सर उसके खो जाने के बाद ही समझ आती है

_ जब तक कोई वस्तु हमारे सामने होती है, हम उसे सामान्य मानकर उसकी क़ीमत भूल जाते हैं..
_ ठीक इसी भांति, मैने अपने जीवन में अनेकों जादुई चीज़ें, लोग, और एहसास बिना समझे, बिना सँभाले खो दिए हैं..
_ पर अब से जो पहले खो दिया, वो खो गया.. मगर अब किसी को नहीं खोना..
_ क्योंकि कुछ रिश्ते, कुछ पल दूसरी बार नहीं मिलते.!!
“जीवन की कई नेमतें हमें तब दिखाई देती हैं, जब वे दूर हो जाती हैं ;

_ सजगता का अर्थ है उन्हें दूर जाने से पहले पहचान लेना”
_ जब तक हम किसी चीज़ के बीच से गुज़र रहे होते हैं, हमें उसकी अहमियत पता नहीं चलती.
_ जब हम उसमें से गुज़र कर बाहर निकल आते हैं, तब हमें उसके सही मायने समझ में आते हैं.!!
हर नयी चीज कीमती नहीं होती..
_ कीमती वो होती है जो हमें नया बना दे.
कई चीज़ें हमारे पास होते हुए भी बेकार पड़ी रहती हैं, क्योंकि हमें उनकी कीमत तब तक महसूस नहीं होती, जब तक हमें उनकी जरूरत न पड़ जाए.

_ जरूरत आते ही हम उन्हें तलाशने लगते हैं, और तब समझ आता है कि जिसे हम धूल खाता हुआ छोड़ बैठे थे, वही कभी हमारे लिए सबसे जरूरी था.!!
– Nirarthak Nirarthak
मन जब किसी चीज़ पर ठहर जाए, तो न कीमत मायने रखती है, न साधन .​

_ दुनिया के सारे हिसाब-किताब एक तरफ और मन की वह एक जिद एक तरफ.
_ जब तक वह हासिल न हो जाए, भीतर की तड़प और उसे पाने की कोशिश कभी कम नहीं होती.!!
– Nirarthak Nirarthak

सुविचार 4556

मुस्कान और मदद, दो ऐसे इत्र हैं, जिन्हें आप जितना अधिक, दुसरो पर छिड़केंगे,

उतने ही आप स्वयं सुगन्धित होगें.

error: Content is protected