सुविचार 4386

हीरा परखने वाले से, पीड़ा परखने वाला ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.
कौन कब किसके लिए महत्वपूर्ण हो जाए..

_ यह वक़्त और स्वभाव पर निर्भर करता है.!!

सुविचार 4385

हमें अपने दिल में सचेत रहना होगा, ताकि अपने सभी कार्यों और विचारों में हमारे ह्रदय से प्रेम प्रवाहित होता रहे.

सुविचार 4383

आप हर समय मजबूत नहीं रह सकते, कई बार ऐसा होता है कि आपको सिर्फ अकेले रहने की जरूरत होती है.. – और अपने आंसुओं को बाहर आने देना चाहिए.
जिस थाली में खाना खत्म हो जाता है, वो गंदी लगने लगती है, कोई उसे प्यार से नहीं देखता..

_ ठीक वैसे ही जब आपकी जरूरत लोगों को खत्म हो जाती है तो आप उन्हें बेकार लगने लगते हो..
_ आपकी कोई भी कीमत नहीं होती.!!

सुविचार 4382

किसी के साथ हुए कटु अनुभव के भावनात्मक बोझ से छुटकारा पाने का एकमात्र उपाय उसे छमा कर देना है.
हर इंसान अपने कर्मों का बोझ लेकर जीता है.

_ हो सकता है वो बाहर से सामान्य दिखे, लेकिन भीतर कहीं न कहीं उन्हें सच पता है.
_ आपकी पीड़ा का अनुभव चाहे उन्हें आज न हो, पर जीवन में किसी मोड़ पर यह कचोट उन्हें अवश्य मिलेगी.!!

सुविचार 4381

टेंशन, डिप्रेशन और बैचैन इंसान तभी होता है,

_ जब वो खुद के लिए कम और दूसरों के लिए ज्यादा सोचता है.

अब तो टेंशन लेने की इतनी आदत हो गई है, कि कभी टेंशन न हो तो टेंशन होने लगती है कि सब कुछ ठीक कैसे चल रहा है.!!
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