सुविचार 4374
बिना सोचे-समझ़े ही धारणा बना लेने वाला,
उस तालाब की तरह होता है, जो कालांतर में सड़ने लगता है.
उस तालाब की तरह होता है, जो कालांतर में सड़ने लगता है.
जो सबसे सरल दान है, यदि आप बुद्धिजीवी हैं तो.
_ क्योंकि वो दूसरों को भी ह्रदय से अच्छे होने का विश्वास कर बैठते हैं.!!
_ इसलिए चंद बुरे लोग अच्छे लोगों पर हावी हो चुके हैं..!!
हद पार कर जाये तो अजनबी बन जाना ही मुनासिब होता है.
क्योकि हर फल का स्वाद अलग अलग होता है.
_ ये हमारी भावनाओं पर निर्भर करता है.
_ वो जाने कितनों की ही भावनाएं होती हैं..!!