सुविचार 4228
जैसे सोना अग्नि में चमकता है, वैसे ही धैर्यवान आपदा में दमकता है !
जो जिए अपने लिए तो क्या जिए, जी सको तो जिओ हजारों के लिए.
कर्मवीर को फर्क नहीं पड़ता किसी जीत या हार का..
_ “पतन’ इतना हुआ की पास बैठे इंसान का दुःख-दर्द, तकलीफ तक दिखाई नहीं देता है.!!
और इन सब के परे हम उसी बात के दूसरे पहलू को सोच ही नही सकते..जबकि ये भी सत्य है कि..हर बात के दो पहलू होते जरूर हैं ।।