सुविचार 4243

प्रेरणा लेनी हो तो लहरों से लीजिए, इसलिए नहीं कि वे उठती हैं, और गिर जाती हैं ;

_ बल्कि इसलिए कि वे जब भी गिरती हैं, नए जोश से फिर उठ जाती हैं..

भवरों से लड़ो उफनती लहरों से उलझो, कहाँ तक चलोगे किनारे किनारे..

सुविचार 4242

अधिकतर समस्याओं की जड़ यह है कि हम दिल की नहीं सुनते.
जड़ों की रक्षा करिए, – फल फूल ख़ुद ब ख़ुद मिलेगा.!!

सुविचार 4241

अक्सर हम उन्हीं लोगों के हाथों अपना मजाक बनवाते हैं…

जिन्हें हम कमजोर लम्हों में अपनी सारी सच्चाईयाँ सौंप देते हैं.

सुविचार 4240

आत्मविश्वास इस तरह का होना चाहिए कि..

_या तो मुझे कोई रास्ता मिल जायेगा या मैं बना लूँगा..

सुविचार 4239

जीवन में आधे दुःख इस वजह से आते हैं क्यूंकि

हमने उनसे आशाएं रखी,,,,जिनसे हमें नहीं रखनी चाहिए थी.

जीवन घटित होती कहानी ही तो है, जिसे कभी पढ़ते.. कभी सुनते.. कभी देखते.. और कभी रचते भी.. हम ही हैं.

सुविचार 4238

हम कौन से हज़ार और दो हज़ार साल जीने आतें हैं यहां …

_ महज़ पचास साठ साल की जिंदगी में ही इतनी बेचारगी,

_ बेबसी और बोझ है की जिंदगी मजबूरी बन जाती है…!!!

” इसलिए समझदारी और ज्ञान के साथ जियें ”

मिट्टी के दीपक सा है ये तन, तेल खत्म तो खेल ख़त्म..!!
सब ओढ़ लेंगे मिट्टी की चादर एक दिन,

_ दुनिया का हर चिराग हवा की नज़र में है..!!

error: Content is protected