सुविचार 4297
प्रसन्न रहना बहुत सरल है, लेकिन सरल होना बहुत कठिन है.
_ फिर भी बेचैनी रही, यह क्या गंवाया आदमी ने..
लेकिन बदलते हुए अपने कभी अच्छे नहीं लगते !!
सार्थक हो तो ही इसे खर्च करें, अन्यथा मौन रहें,”
_ ‘सब अच्छा होगा’ बस यही आवाज़ रब की होती है.