सुविचार 4701
*”विचार” “जल” की तरह है …आप उसमें “गंदगी” मिला दो तो, वह “नाला” बन जाऐगा,
अगर उसमें “सुगंध” मिला दो तो वह “गंगाजल” बन जाऐगा ।।*
हर ऊपर से सुंदर दिखने वाली मानवीय गतिविधि के नीचे गंदगी होती है.!!
अगर उसमें “सुगंध” मिला दो तो वह “गंगाजल” बन जाऐगा ।।*
और उठा लोगे तो एकदम हल्की हो जायेंगी.