सुविचार 4874

धन्यवाद में खोता कुछ नहीं है, मिलता बहुत है

और शिकायत में मिलता कुछ नहीं, खोता बहुत है;

सुविचार 4873

जब आपकी उपयोगिता बढ़ेगी तो आपकी अहमियत भी बढ़ जाएगी..

इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!

सुविचार 4872

खून के संबंध से ही कोई, अपना नही होता है, प्रेम, सहयोग, विश्वास,

निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.

विश्वास करना तब मुश्किल हो जाता है जब वही लोग, आपके सम्मान को गंदा करते

है, जो आपके साथ हैं.
दुनिया ने मुझे एक बात सिखाई-

_ यहाँ विश्वास से पहले विवेक ज़रूरी है, क्योंकि झूठ सिर्फ़ बोला नहीं जाता, कई बार उसे इतने विश्वास से परोसा जाता है कि लोग उसे सच मानने लगते हैं”

सुविचार 4871

स्थिरता की उम्मीद हम अक्सर ही दुनिया से करते हैं,

यह जानते हुए भी कि यहाँ कुछ स्थिर नहीं है.

सुविचार 4870

अपनी भूल अपने ही हाथों से सुधारी जाये,

तो यह उससे कहीं अच्छा है की कोई दूसरा उसे सुधारे !!

सुविचार 4869

जीवन एक प्रयोगशाला है, जिसमें सुख दुःख के मिश्रण से अनुभवों की खोज होती है.
समझ जीवन को गहराई देती है, लेकिन अनुभव जीवन को रस देता है.

_ केवल गहराई हो और रस न हो, तो जीवन गंभीर हो जाता है.
_ केवल रस हो और गहराई न हो, तो जीवन सतही हो जाता है.
_ सौंदर्य दोनों के संतुलन में है.!!
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