सुविचार 4910

अच्छाई और बुराई इंसान के कर्मों में होती है, कोई बांस का तीर बना कर किसी को घायल करता है _

_ तो कोई बांसुरी बना कर बांस में सुर को भरता है.

सुविचार 4909

लोगों के काम आते रहिए _ क्योंकि कुदरत का एक उसूल है कि _ जिस कुंए से लोग पानी पीते रहे _ वह कभी सूखता नहीं है.

सुविचार 4908

जो तुरंत किए जाने वाले कार्य को _ देर से करता है, _ वह बेवकूफ कहलाता है.

सुविचार 4907

सीख कभी भी किसी से भी मिल सकती है. जिससे सीख मिल रही है _ वह बेजान वस्तु है या कोइ भी प्राणी, वह बच्चा है या बुजुर्ग, वह ज्ञानी है या अज्ञानी, कोई फर्क नहीं पड्ता. जिसमें सीखने की प्रवृति है _ वो युवा ही हो सकता है…

सुविचार 4905

खुद की अहमियत समझो _ हर वक्त खुले नज़र से दुनिया देखो _ यहां सम्भल गए तो जीवन सही रहेगा.
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