सुविचार 4996
राह कठिन परिस्थिति में भी जो चलता है, अक्सर वहीं संसार को बदलता है ;
_ जिसने राहों से जंग जीती, अक्सर वहीं सुबह में सूर्य बनकर निकलता है.
_ जिसने राहों से जंग जीती, अक्सर वहीं सुबह में सूर्य बनकर निकलता है.
_ राहगीर रास्ते की परवाह नहीं करता _ वैसे ही तुम भी अपनी मंजिल की परवाह मत करो..
_ इसलिए कुछ होने के लिए कुछ कीजिए..