सुविचार 4649 | Sep 10, 2025 | सुविचार *अच्छे के साथ अच्छे बनें *पर बुरे के साथ बुरे नहीं* *….क्योंकि -**हीरे से हीरा तो तराशा जा सकता है लेकिन कीचड़ से**कीचड़ साफ नहीं किया जा सकता* आजकल तो अच्छे वही माने जाते हैं.. _ जो दूसरों के अनुसार झुक जाएँ.. बाक़ी सब ‘रूखे’ कहलाते हैं.!!
सुविचार 4647 | Sep 8, 2025 | सुविचार लोगों की बातों से क्यों परेशान होते हो, लोग तो कुछ भी बोल कर निकल जाते हैं ; जब हालात बदलते हैं, तो लोगों के बोल बदल जाते हैं.
सुविचार 4646 | Sep 7, 2025 | सुविचार जिन्दगी से यही सीखा है हमने कि मेहनत करो, रुकना नहीं, हालात कैसे भी हों, किसी के सामने झुकना नहीं..