सुविचार 4704

सबसे तेज़ रफ़्तार होती हैं दुआओं की, जो ज़ुबाँ पर आती है उससे पहले ही ऊपर वाले तक पहुँच जाती हैं.!!
जब बिना वजह अच्छा लगने लगे तो मान लो कि कोई आपके लिए दुआ कर रहा है.!!

सुविचार 4701

*”विचार” “जल” की तरह है …आप उसमें “गंदगी” मिला दो तो, वह “नाला” बन जाऐगा,

अगर उसमें “सुगंध” मिला दो तो वह “गंगाजल” बन जाऐगा ।।*

हर ऊपर से सुंदर दिखने वाली मानवीय गतिविधि के नीचे गंदगी होती है.!!

सुविचार 4700

मुसीबतें रुई से भरे थैले की तरह होती हैं, देखते रहोगे तो बहुत भारी दिखेगी,

और उठा लोगे तो एकदम हल्की हो जायेंगी.

error: Content is protected