सुविचार 4693
किसी भी संस्थान, को मनुष्यों, की जरुरत, नहीं होती है,,,बल्कि,
काम करने वालों, की तलाश, रहती है..,
काम करने वालों, की तलाश, रहती है..,
अभी उम्र नहीं है और अब उम्र नहीं है..
लेकिन इनकी छाप…हमेशा दूसरों के हृदय में विराजमान रहती है..
जब ये बात हम सभी जानते हैं__ तो फिर मानते क्यों नहीं ..?